माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा समग्र के स्वयंसेवकों द्वारा ऐतिहासिक काढ़ागोला गंगा घाट पर धार्मिक, सामाजिक एवं जन-जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धा, सेवा और संस्कार का अनुपम संगम देखने को मिला।
368वां रविवार : प्रातःकाल स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम की शुरुआत 368वें रविवार को प्रातःकाल स्वच्छता अभियान से की गई, जिसमें गंगा समग्र के स्वयंसेवकों ने घाट परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ गंगा का संदेश दिया।
वैदिक विधि से गंगा पूजन एवं भव्य गंगा आरती
पुरोहित प्रमुख दिवाकर मिश्र द्वारा वैदिक विधि-विधान से माँ गंगा का पूजन एवं भव्य गंगा आरती संपन्न कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और माँ गंगा के जयकारों से पूरा घाट क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
माघ पूर्णिमा का पौराणिक महत्व
इस अवसर पर दिवाकर बाबा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन माँ गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा पूजन एवं आरती करने से मनुष्य के समस्त कष्ट दूर होते हैं, क्योंकि माँ गंगा मोक्षदायिनी हैं।
गंगा समग्र की सतत पहल
गंगा समग्र के जिला संयोजक नवीन चौधरी “बाबा” एवं जिला सहसंयोजक मनोज साह ने बताया कि गंगा समग्र के स्वयंसेवक लगातार काढ़ागोला घाट पर माँ गंगा के प्रति जन-जागरूकता हेतु कार्यक्रम करते आ रहे हैं। माघ पूर्णिमा के अवसर पर दिनभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अमृतप्रसाद (खीर) का वितरण
संध्याकाल में भव्य गंगा आरती के उपरांत गंगा तट पर अमृतप्रसाद (खीर) का आयोजन किया गया। गंगा स्नान के लिए आए हजारों श्रद्धालुओं को गंगा समग्र के स्वयंसेवकों द्वारा भक्तिभाव के साथ प्रसाद वितरण किया गया।
ऐतिहासिक भव्यता के साथ मेला आयोजन
जिला संयोजक ने बताया कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर काढ़ागोला घाट पर ऐतिहासिक भव्यता के साथ मेला का आयोजन हुआ। मेले में बड़े-बड़े झूले, मनिहारी दुकानें, मसाले की दुकानें तथा पूजा-पाठ के सामग्री की दुकानों से घाट क्षेत्र जीवंत हो उठा। अनुमान के अनुसार इस अवसर पर लगभग दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
गंगा जागरूकता हेतु जनसंवाद
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच जनसंवाद किया गया। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को माँ गंगा की स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गंगा में कूड़ा-कचरा प्रवाहित न करने की अपील की और इससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर विस्तृत चर्चा की।
सैकड़ों स्वयंसेवकों की रही सहभागिता
इस कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से जिला संयोजिका संजीता चौधरी, ऊषा जायसवाल, आरती प्रमुख जीवछ गुप्ता, उमाशंकर चौधरी, राजकुमार साह, योगेश पाल, राहुल राज, रूदल मंडल, मुनिलाल साह, संजू राय, खुशबू कुमारी सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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