मनीष मिश्रा कटिहार, बरारी /
जिले में हाल ही में आई असमय बारिश, तेज आंधी और तूफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विशेषकर मक्के की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कटिहार के कई क्षेत्रों— बरारी प्रखंड के बारीनगर, बलुआ, सुजापुर, लक्ष्मीपुर, मोहनाचांदपुर, सेमापुर, काढागोला गंगा घाट, बकिया सुखाय एवं पूर्वी बारीनगर—में तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल पूरी तरह गिर गई है। कई स्थानों पर फसल पानी में डूब गई है, जिससे दाने सड़ने का खतरा बढ़ गया है और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है।
सुजापुर के किसान राजेश भगत और अवधेश मंडल ने बताया कि इस बार मक्के की फसल काफी अच्छी थी, लेकिन अचानक आए तूफान ने सब बर्बाद कर दिया। “हम लोगों ने काफी मेहनत और लागत लगाई थी, लेकिन अब सब चौपट हो गया,” उन्होंने कहा।
इसी गांव के गयानाथ मंडल और गिधारी शर्मा ने भी भारी नुकसान की बात कही। उनका कहना है कि खेतों में पानी भर जाने से फसल सड़ने लगी है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।
वहीं मोनू चौधरी, प्रमोद मंडल और हरीश मंडल ने बताया कि तेज आंधी के कारण पूरी फसल जमीन पर गिर गई है। “अब उत्पादन आधा भी नहीं मिलेगा, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा,” किसानों ने चिंता जताई।
सिवाना क्षेत्र के किसान सोनू तिवारी और फूलचंद मंडल ने भी प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए यह नुकसान बेहद गंभीर है और बिना सरकारी सहायता के उबरना मुश्किल होगा।
ग्रामीणों के अनुसार, इस आंधी-तूफान ने केवल मक्के ही नहीं, बल्कि अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। कई खेतों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे फसलों के पूरी तरह खराब होने की आशंका बनी हुई है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए।
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